शिवानी का संजय के लिए रोज का उलाहना जारी था,मेरी तो जैसे किस्मत ही फूट गई है इन्हें तो जब देखो काम का रोना और छुट्टी वाले दिन में बस बिस्तर पर लेटे लेटे चैनल बदलते रहना है मैं तो कहीं दिखती ही नहीं ,वो सेकेंड फ्लोर वाले गुप्ता जी को देखो जहां जाते हैं अपनी मिसेज को साथ लेकर जाते हैं अरे सैलून भी जाते हैं तो भी उनकी मैडम साथ होती है कहीं से भी उनकी जोड़ी नहीं जमती अम्मा लगती है वो गुप्ता जी की फिर भी एक वो पति है एक मिनट भी साथ नहीं छोड़ता और एक मेरे पति हैं हाय रे मेरी किस्मत , जबसे मिस्टर गुप्ता इस सोसायटी में आये है, संजय को ऐसे जुमले शिवानी के मुंह से रोज ही सुनने को मिलती थी; सोसायटी की लगभग सभी महिलाएं मिसेज गुप्ता की किस्मत से जलती थी।आज सुबह जब शिवानी सब्जी लेने नीचे गई तो सामने वाली फ्लैट की विभा भाभी मिल गई मिसेज गुप्ता भी अपनी कामवाली को ठेले वाले के पास छोड़ मिस्टर गुप्ता के साथ बाइक पर फुर्र हो गई शिवानी ने एक ठंडी आह भर विभा भाभी से कहा भाभी जी मिसेज गुप्ता ने आखिर किस भगवान की पूजा की होगी जो ऐसा पति मिला इनको जहां देखो दोनों साथ होते हैं और एक मेरी तकदीर है विभा भाभी भी हां में हां मिलाकर अपनी तकदीर का रोना रोये जा रही थी; गुप्ता जी की कामवाली भी उनकी बातें सुन रहीं थीं हंसते हुए उसने शिवानी से कहा मेमसाब आपलोग अंदर की बात क्या जानो हमारे साब से ज्यादा बदकिस्मत कौन होगा बेचारे ! बड़े ही रंगीन मिजाज के हैं एक बार तो रंगे हाथों पकड़े गए थे वो, किसी और के साथ, खुब हंगामा हुआ था मेमसाब ने पुलिस की धमकी दे डाली थी तब बेचारे को माफी मांगनी पड़ी थी और कोई प्यार व्यार नहीं है इनकी ,ये तो डर है परिवार का समाज का, उसके बाद तो अपनी मेमसाब हरवक्त गोंद की तरह चिपकी रहती है साब से और मेमसाब आपलोग भी ना बेकार में अपनी किस्मत को कोस रहे हो। विभा भाभी ने आश्चर्य से पूछा तू सच कह रही है? सौ टका सच कह रही हूं मेमसाब किसके घर में क्या लफड़ा चल रहा है सब समझती है मैं पर मेरे को क्या अपने काम से मतलब रखने का है बस ! कामवाली की बातों को सुनकर दोनों को मिसेज गुप्ता के लिए बहुत बुरा भी लग रहा था। विभा भाभी को जैसे नया मसाला मिल गया , देखा शिवानी मर्द जात पर कोई भरोसा करें भी तो कैसे करें बेचारी मिसेज गुप्ता, पर मेरे संजय ऐसे नहीं हैं भाभी! शिवानी की बातों को काटकर दरवाजे से आधी मुंडी निकालते हुए विभा भाभी ने चेताया शिवानी जरा नजर बनाए रखना अरे है तो आखिर मर्द ही ना समझी ; जी भाभी समझ गई, घर में घुसते ही संजय को लाड़ दिखाते हुए पूछा पकौड़े बनाऊं खाओगे शिवानी के बदले व्यवहार से चकित संजय ने सर हिला कर हामी भर दी और किचन से पकौड़े की छन-छन के साथ शिवानी की गाना गाने आवाज संजय को सरप्राइज करे जा रहा था । तु जहां जहां चलेगा मेरा साया साथ होगा मेरा साया मेरा साया.......
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