Saturday, August 1, 2020

बेतुकी सी.....

कभी इक गौरैये को देखकर 
जिन्होंने बंद कर ली थी 
खिड़कियां अपने घर की,
वो अब अपने कमरे के पर्दे 
हटा कर सुनाते हैं अक्सर
बेतुकी सी ,बेमतलब की
गुंटर- गूं अपनी......

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