Wednesday, May 19, 2021

उम्रदराज.......

 

उम्र तो जैसे हाथों से रेत की तरह फिसलती रही, और

हम अभी तक मुट्ठियां भिंचे अपनी , खुद पर इतराते रहे। 

जब निगाह आईने पर पड़ी आज , यकायक

सफेद पड़े बाल और झुर्रिदार चेहरे ने पूछ डाला ;

डरावना सा इक सवाल, हां तो बताओ

इस बार का जन्म दिन कहां मनाओगे?

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