Wednesday, May 19, 2021

निशांत_______

 

आज निशांत को पृथ्वी पर बसे मुम्बई मायानगरी और उस दुनिया को छोड़ें हुए लगभग दो हफ्ते से ज्यादा हो रहे थे, और अब उसे समझ आ रहा था कि पृथ्वीवासी उसे कितना चाहते हैं वो मृत्यु को चाहे जिस तरह प्राप्त हुआ हो मगर उसके फैंस उसके लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं, काश ! वो उनलोगो का यह प्यार अपनी खुली आंखों से देख पाता, आज उसके जन्मस्थान पर चौक चौराहों के नाम उसके नाम से जाने जा रहें हैं उसका वो छोटा शहर, कितना प्यार करते हैं उसके अपने शहर के लोग और जब वो जिवित था उनके प्यार को समझ ही नहीं पाया , फिल्मी पार्टियों में सोशल मीडिया जैसे बनावटी प्लेटफार्म पर अपने प्रति लोगों के प्यार ढूंढा करता था, और कुछ भी अनर्गल दिख जाने पर मायूस हो जाता था। आज उसे ऐसा महसूस हो रहा था कि ये प्यार ये लगाव दिखाने की चीज नहीं है सभी कि यही चाहत होती है कि वो पास रहें वो ऐसा खालीपन नहीं चाहते, उनलोगों की कोई गलती नहीं है सभी अपने जीवन को जीने में इस कदर मशरूफ है यह बताने के लिए इतना वक्त नहीं है किसी के पास वो कितना ख़ास है, मगर उसकी जगह कोई और नहीं ले सकता वो ये भी जानते हैं, आज इस मृत्युलोक में निशांत अब शांत हो चुका था उसकी जिज्ञासा समाप्त हो गई थी और वो बहुत खुश भी था , अपने देश के लोगों का अपने लिए इतना प्यार देखकर, लेकिन अपने पिता की खामोशी उसे झकझोर रही थी उसे एहसास करा रही थी कि वो मायानगरी में चमकने वाले स्टार से पहले एक बेटा था उनका इकलौता होनहार बेटा।

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