Wednesday, May 19, 2021

तुम्हारे वो अल्फाज______

 

तुम्हारी द्वारा कही गई 

मेरे लिए कई सारी 

बातें हैं , जिसमें 

मेरे लिए कही गई 

कुछ अच्छी बातें है 

और कुछ बहुत बुरी 

बातें भी ,वो सब 

बातें जानें कब की 

भूल चुकीं हूं मैं 

पर नहीं भूली मैं 

आज तक तुम्हारे 

द्वारा कहे गए वो 

चंद अल्फाज वो 

लिखकर मुझ पर 

तोहमत लगाना कि 

मैंने तुम्हें # उससे 

'छिनने का प्रयास किया'

नहीं भूलते मुझे

किसी शूल की तरह

चुभती है हर वक्त 

ना दिन देखती है 

ना रात, ना तन्हाई 

ना भीड़भाड़, बस;

चुभती रहती है 

हर पल तुम्हारे कहे 

वो चंद अल्फाज......

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