Wednesday, May 19, 2021

यशोधरा फिर अकेली _________

सत्य की खोज में निकल पड़े

उस दिन सिद्धार्थ का अपनी

सोती हुई यशोधरा एवं राहुल

को अकेले छोड़ जाने के

निर्णय से तुम मर्माहत हुए थे

यशोधरा के अकेलेपन

के दर्द से पीड़ा होती थी

उसके परित्यक्ता कहलाने से

तुम्हें तकलीफ होती थी

तुम्हीं ने कहा था ना कि

गलती क्या थी उसकी

सिद्धार्थ से गौतम बुद्ध

के महानिर्वाण तक 

यशोधरा की सहभागिता ही 

उनके रास्ते का पत्थर होते

तो अब तुम्हीं बोलो ना

एक सत्य; ना ,ना सही की खोज में

तुम भी निकल पड़े

फर्क बस इतना कि

सत्य का पता तुम्हें मालूम था

और तुम्हारे 

सही ग़लत के इस निर्णय से

अनजान एक यशोधरा

आज फिर अकेली रह गई

उसके दर्द से क्यूं पीड़ा ना हुई तुम्हें?

बोलो ना__

एक सत्य पर विजय पाकर

दूसरे सत्य से मुंह मोड़ना

क्या यही सत्य की खोज है ?

क्या यही तुम्हारी जीत है?

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