शकुन्तला! तू यहां इस गांव में कैसे?
और यह बच्चा !
मेरा है दीदी ।
और तेरा पति कहां है?
वो मेरे साथ नहीं रहता दीदी ।
समझी! तो दुष्यंत ने अंगुठी फिर से गुम कर दी।
जितने उदार विचारों वाले आप बनते हैं दुनिया वालों के सामने काश! कि होते भी आप बिल्कुल वैसे ही समानुभूति दिखाने वाले। जब आप जैसे महान विचारों...
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