Wednesday, May 19, 2021

बचपन .........

 बातें मेरे बचपन की!  करीब तीस बत्तीस साल पहले की उस वक्त हमारे पास ऐ मुआ मोबाइल फोन नहीं बल्कि कई सारे खेल खिलौने होते थे, गुड्डे गुड़िया, गाना गोटी, इमली के बीज के पासे, टूटी कांच की चूङियों की गोटी, सेफ्टी पीन  के गुच्छे से एक्कठ दुक्कठ का खेल, रूमाल से दादा जी की चिट्ठी, पो चम्पा, डेंगा पानी, कुलिया चुकिया, घरौंदे और भी ना जाने कितने सारे प्यारे-प्यारे खेल। और जब हम लोग लुकाछिपी में ढूंढने वाले को चुनते थे तब एक पापुलर लाइन गा कर चुनाव करते थे  ( एक सलाई दो सलाई तीसरा बोले लपलाई ) और ऐ वाला तो आज भी कभी याद आता है तो हंसी रोके नहीं रूकती  (आलू बटा सेम पकाने वाला मेम एक बजे की गाड़ी आई देखो लङका टेम ) मन बहलाने के लिए कितने सारे मनोरंजन । जब जाङो में छत पर घर की सभी औरतें अचार बनाने मे स्वेटर बुनने मे लगी होती थी, हम बच्चे कितने सारे प्लान बना लेते थे के संडे को खास कैसे बनाया जाए ऐसा ही एक संडे आज भी याद आता है तो नीरस सी जिन्दगी में बहार आ जाती है । कङकङाती ठंड पङ रही थी और हम सब मोहल्ले के बच्चों ने अनोखा प्लान बनाया था कि शाम को हमसब लाइन लगा कर घर के सामने बाली नाली में पौटी करेंगे वो भी एक साथ । चलो भई प्लानिंग हो चुकी थी और हम सभी तय समय पर इकट्ठे भी हो चुके थे मेरी प्यारी सहेली  ना ना नाम नही बताऊंगी उसकी क्योंकि fb पर वो मेरे फ्रेंड लिस्ट में है मिलने पर मुझे बहुत पिटेगी । हां तो हुआ ये कि मेरी भोली सी सखी भी सैंडल और मामी जी के हाथों से ऊन की बुनी हुई सुन्दर सी फ्राॅक पहन कर नाली पर हमसब के साथ पंक्ति मे बैठी पर ऊंची हील की सैंडल ने साथ नहीं दिया और फिर धङाम वो भी उस गन्दे नाले में। अब तो हमलोगों को काटो तो खून नहीं वाली हालत हो गई और जब ये बात मामी जी को पता चली तब तो बेचारी की और भी बुरी हालत हो चुकी थी ठंडे पानी से भरी भरी बाल्टी उसपर डाले जा रहे थे और डर से हम सारे बच्चे थर थर काँप रहे थे पर कुटाई तो सबकी हुई पर मजा भी खूब आया । वो दिन अब तो सिर्फ यादें बनकर रह गई । अब जब अपने बच्चों को देखती हूँ तो लगता है कि जब ये अपने बचपन को याद करेंगे तो कितनी बेरंग यादें होगी इनकी कम से कम हम अपनी यादों को संजोए तो है, काश! वो बचपन फिर से आ जाता ! चलो फिर से वैसा वाला इन्तजार करते है जब अपने दांत टूटने पर उसे मिट्टी में दबा कर रोज पानी डालकर इन्तजार करना कि  दांत का पेङ कब निकलेगा ........................................

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