ललिता की खुशी का राज बड़ा ही अद्भुत है!उसके शहर में कोरोना महामारी की वजह से हुई लॉकडाउन के कारण उसकी सभी मेमसाब ने हुकुम दे दिया है कि अभी वो दूरी बनाए रखें, वो भी बिना कोई दिहाड़ी काटे। आज तो वो अपने आप को महारानी जैसा अनुभव कर रही है,सुबह से ही चन्दा ,खुशबू का बापू रसोई में घुसा है चाय - नाश्ता बना रहा है और लाड़ तो ऐसे जता रहा है जैसे वो वही पन्द्रह साल पुरानी वाली ललिता हो वो तो जैसे शर्म से लाल हुई जा रही है ,आज उसे रसोई से पूरी तरह की छुट्टी और कपड़े बर्तन साफ- सफाई वो सारे काम तो चन्दा और खुशबू ने कब के खत्म कर डाले और सबसे अच्छी बात तो ये कि अब कहीं से भी चन्दा के बापू को पव्वा नहीं मिलने वाला। तो अब काहे का रोना।
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