Wednesday, May 19, 2021

धड़कन........

 कुछ दिनों पहले तक

लगता था ,यूं मुझको

कि ,मैं ही इक जा़न हूं उनकी 

और मेरा दिल भी तो!

उनकेे सीने में धड़क कर 

अपनी हाजिरी हर पल

वहीं की लगवा रहा था 

लेकिन ;वक्त वे वक्त

अब दिखने लगा है मुझे ,

कि मोहतरमा कोई और भी है 

जो अब उनकी जा़न ,जांना ,जा़निब 

से भी बढ़कर हुए जा रहीं हैं 

तो अब मैंने भी बकायदा

पूरे होशोहवास में,

अपने दिल को संभाल

उस पद से इस्तीफा दे ही दिया।

तबसे मेरी नींदें भी पूरी हो रही है ,

और मेरा दिल भी अब मेरे पास है।

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